बसंत पंचमी का त्यौहार क्या है तथा यह क्यों मनाया जाता है?

बसंत पंचमी का त्यौहार क्या है तथा यह क्यों मनाया जाता है? – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । दोस्तों मैं एक बार फिर से आप सभी के साथ में उपस्थित हूं एक बिल्कुल नई जानकारी के साथ । आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं बसंत पंचमी के बारे में । आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बसंत पंचमी का त्यौहार क्या है तथा साथ में यह भी बताएंगे कि आखिर बसंत पंचमी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

तो दोस्तों अगर आप भी बसंत पंचमी का त्यौहार मनाते हैं पर आपको इसके पीछे का महत्व नहीं पता है तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने वाला है क्योंकि आज इस आर्टिकल में आपको बसंत पंचमी से जुड़ी हर एक जानकारी मिलेगी

दोस्तों वैसे तो दुनिया में बहुत सारे देश हैं और हर एक देश में कुछ ना कुछ विशेष है लेकिन हमारे भारत जैसा देश आपको कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा क्योंकि भारत देश अनेक विविधताओं का प्रतीक है । हमारे देश में 1 वर्ष में छोटे और बड़े त्यौहार मिलाकर सैकड़ों त्योहार होते हैं जो लोग बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं । इन्हीं में से एक त्यौहार है बसंत पंचमी का । बसंत पंचमी का त्यौहार भी एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है और हिंदू धर्म में इस त्यौहार का बहुत ही महत्व है ।हमें उम्मीद है कि आप सभी बसंत पंचमी के पर्व को मनाते होंगे लेकिन दोस्तों बहुत से लोग इसके पीछे का महत्व नहीं मानते हैं ।

दोस्तों हमारे यहां का रिवाज है हम जो देखते हैं वही करते हैं । हम अपने पूर्वजों को त्यौहार मनाते देखते हैं इसीलिए हम त्यौहार मनाने लगते हैं लेकिन हम कभी यह जानने की कोशिश नहीं करते कि आखिर यह त्यौहार क्यों मनाया जाता है और इस त्यौहार के पीछे का महत्व क्या है इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको बसंत पंचमी त्योहार तथा इसके पीछे के महत्व को बताने जा रहे हैं।

बसंत पंचमी पर्व क्या है?

बसंत पंचमी का त्यौहार हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है हमारे हिंदू धर्म में अनेक देवी देवता हैं और हर एक देवी देवताओं का एक अलग कार्य है। हमारे देश में मां सरस्वती को विद्या की देवी के रूप में पूजा जाता है और ऐसी मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा करने से हमारी बुद्धि कुशाग्र होती है और हम विद्या में निपुण होते हैं इसीलिए प्रतिवर्ष बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है जिसमें मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है ।

बसंत पंचमी को हम श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जानते हैं । बसंत पंचमी सीधे मां सरस्वती से जुड़ा हुआ पर्व है इसीलिए इस पर्व को न सिर्फ भारत में बल्कि नेपाल भूटान जैसे देशों में भी मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी साक्षात मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है और उनसे बल बुद्धि का आशीर्वाद मांगा जाता है ।

बसंत पंचमी का त्यौहार वैसे तो हमारे देश में कई जगह होता है पर मुख्य रूप से यह त्यौहार विद्यालयों में होता है क्योंकि विद्यालय में लोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं और शिक्षा की देवी सरस्वती देवी होती है इसीलिए हर विद्यालय में बसंत पंचमी का त्यौहार एक अलग ही धूमधाम से मनाया जाता है।

बसंत पंचमी का महत्व

आइए दोस्तों अब हम आपको बसंत पंचमी पर्व के पीछे के महत्व के बारे में बताते हैं । जैसा कि आप सभी को पता है हमारे देश में 6 ऋतु होती है जिनमें से बसंत की ऋतु बहुत ही महत्वपूर्ण होती है और ऐसा माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन से ही बसंत ऋतु का आगमन होता है और सर्दियों की समाप्ति होती है।

दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है सर्दियों में मौसम बहुत ही ठंडा होता है । इस वजह से छात्र पढ़ाई नहीं कर पाते है ,किंतु जैसे ही बसंत ऋतु आती है मौसम पढ़ने के लिए अनुकूल हो जाता है और सभी छात्र अपनी पढ़ाई में जुड़ जाते हैं इसीलिए यह पर्व और भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन से बसंत ऋतु का आगमन होता है और सर्दियों की समाप्ति होती है ।

क्या बसंत पंचमी को भगवान शिव की पूजा की जाती है?

दोस्तों जैसा कि हमने आपको बताया है हमारा देश विविधताओं का देश है जहां लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं। कई स्थानों पर बसंत पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है इसके पीछे का तर्क है कि पुराणों में लिखा है कि बसंत पंचमी के दिन ही भगवान शिव ने माता पार्वती को आशीर्वाद दिया था और उन्हें धनसंपदा की देवी के रूप में सुशोभित किया था । इस दिन के बाद से पार्वती को नील सरस्वती के नाम से भी जाना जाने लगा इसीलिए यह बसंत पंचमी का त्यौहार भगवान शिव से से भी संबंधित है और इस दिन भगवान शिव की पूजा होती है।

बसंत पंचमी कब मनाई जाती है ?

आइए हम आपको बताते हैं कि बसंत पंचमी का त्यौहार कब होता है? दोस्तों हमारे यहां दो कैलेंडर होते हैं पहला अंग्रेजी कैलेंडर और दूसरा हिंदी कैलेंडर , किंतु बसंत पंचमी का त्यौहार हिंदी कैलेंडर के अनुसार होता है । बसंत पंचमी को मार्च महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बनाया जाता है और इस दिन सभी लोग बड़े ही धूमधाम से मां सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं।

बसंत पंचमी की पूजा कैसे की जाती है ?

आइए अब हम आपको अंत में यह बताते हैं कि आखिर बसंत पंचमी की पूजा कैसे की जाती है ताकि अगर आप भी बसंत पंचमी की पूजा करें तो आपसे कोई भूल ना हो ।

हमारे देश में बसंत पंचमी के दिन कुछ लोग भगवान विष्णु को धन्यवाद करते हैं क्योंकि बसंत पंचमी के दिन ही उनकी सरसों की खेती तैयार होती है और सरसों की खेती तैयार होकर घर आती है जिस वजह से वह भगवान को धन्यवाद करते हैं ।

बसंत पंचमी मनाने के लिए लोग सबसे पहले सुबह जल्दी उठते हैं और जल्दी उठकर वह गंगा नहाने जाते हैं । गंगा नहाने के बाद दान देने की प्रथा है। दान देने के बाद आपको पीला वस्त्र धारण करना अनिवार्य है। यहां पर आपको यह बात समझ लेनी चाहिए कि बसंत पंचमी के दिन पीला वस्त्र पहनना बहुत ही आवश्यक है।

पीले वस्त्र पहनने के बाद जमीन में रंगोलियां बनाई जाती हैं उसके बाद उसमें पाटा लगाकर पीले वस्त्र पहनाकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना होती है। भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने के बाद मां सरस्वती की भी पूजा होती है और उसके बाद प्रसाद में पीले लड्डू बेसन के लड्डू बांटे जाते हैं।

दोस्तों यह आपके लिए छोटी सी जानकारी थी। आज के यह जानकारी यहीं पर समाप्त होती है । आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बसंत ऋतु के बारे में बताया तथा बसंत पंचमी के बारे में अवगत कराया ।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके काम आएगी। आज इस आर्टिकल में आपको बताया कि बसंत ऋतु क्या है तथा बसंत ऋतु क्यों मनाई जाती है? साथ में हमने आपको बसंत ऋतु में पूजा के विधि तथा बसंत ऋतु के पीछे के महत्व को भी बताया । दोस्तों अगर आप इसी प्रकार की अन्य जानकारी पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए । अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद शुभ दिन

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