अक्षय तृतीया का पर्व क्या है? तथा अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है?

अक्षय तृतीया का पर्व क्या है? तथा अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है? अक्षय तृतीया के पर्व के पीछे का महत्व – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । दोस्तों मैं एक बार फिर से आप सभी का फिर से स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर । दोस्तों आज के इस आर्टिकल पर हम आपको एक ऐसे पर्व के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी होती है और वह पर्व है अक्षय तृतीया ।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे अच्छे तृतीया का पर्व क्या है? तथा अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है? दोस्तों अगर आप भी अच्छय तृतीया पर्व से जुड़ी बातें जानना चाहते हैं तो आर्टिकल को पूरा आखिरी तक पढ़ना ना भूलें ।

दोस्तों अगर आप भारत देश के नागरिक हैं और आपका जन्म भारत देश में हुआ है तो निसंदेह आपको खुद पर गौरवान्वित महसूस करना चाहिए क्योंकि हमारे देश कि धर्म और संस्कृति कुछ ऐसी है जो आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगी । हमारा देश में वर्षभर अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं । जिनमें से हर त्यौहार के पीछे अपना एक अलग उद्देश्य और अपना एक अलग इतिहास होता है। इन्हीं सारे त्योहारों में से एक त्यौहार अक्षय तृतीया का त्यौहार है।

अक्षय तृतीया त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं लेकिन फिर भी इस त्यौहार की महत्वता बहुत ही अधिक है । अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं जो अक्षय तृतीया त्यौहार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं और इसके बारे में जानना चाहते हैं तो आज आप बिल्कुल सही आर्टिकल पर आए हैं।

अक्षय तृतीया का पर्व क्या है ?

दोस्तों अगर आप अक्षय तृतीया के बारे में नहीं जानते हैं तो मैं आपको बता दूं कि अक्षय तृतीया एक भारतीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्यौहार के पीछे अपने अनेक पौराणिक मान्यताएं हैं। इस त्यौहार को हमारे देश में अक्षय तृतीया या फिर आखा तीज के नाम से भी लोग जानते हैं।

अक्षय तृतीया का त्योहार भारतीय महीने वैशाख के शुक्ल पक्ष की तृतीया को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

दोस्तों लोगों की ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया का दिन पूरा दिन शुभ होता है । वैसे तो हमारे देश में 1 वर्ष में 365 दिन होते हैं लेकिन अब प्रतिदिन शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त दोनों शामिल होते हैं । लेकिन अक्षय तृतीया का दिन एक ऐसा दिन होता है जिसमें आशुभ मुहूर्त नहीं होता है । अक्षय तृतीया में पूरे दिन शुभ मुहूर्त चलता है इसीलिए लोग अपने नए कार्यालय का उद्घाटन या फिर किसी नई वस्तु की खरीदारी अक्षय तृतीया के दिन ही करते हैं।

हमारे देश में साधारण लोग और पैसे वाले लोग अक्षय तृतीया के दिन अपने घर में कोई ना कोई वस्तु खरीद कर जरूर लाते हैं, अगर कोई कोई वस्तु खरीद लाने की प्लानिंग करता है तो वह उस वस्तु को अक्षय तृतीया के दिन ही खरीद कर लाता है । इसके पीछे की मान्यता यह है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु मैं कभी भी नुकसान नहीं होता है।

अक्षय तृतीया का पर्व न सिर्फ हिंदू धर्म में बल्कि जैन समुदाय में भी बहुत ही अहम भूमिका रखता है । अक्षय तृतीया के दिन को जैन समुदाय के लोग धर्म करने के दिन के नाम से जानते हैं और इस दिन उनकी मान्यता है कि दान करना शुभ होता है। इसीलिए अक्षय तृतीया के दिन लोग दान करने से पीछे नहीं हटते हैं और दान करते हैं।

अगर आपको जानकारी नहीं है तो मैं आपको बता दूं कि अक्षय तृतीया का यह त्यौहार वैसे तो भारत के हर एक प्रदेश में मनाया जाता है किंतु इस त्यौहार की ज्यादा अहमियत राजस्थान में ज्यादा है m राजस्थान में यह त्यौहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। राजस्थान के साथ सारी या त्योहार उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में भी बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

अक्षय तृतीया का महत्व

जैसा कि हमने आपको बताया है हमारे देश में जितने भी त्योहार हैं उन सभी त्योहार के पीछे अपना एक अलग ही महत्व है तो उसी प्रकार अक्षय तृतीया के पर्व के पीछे भी एक महत्व है ।

लोगों की ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर्व के दिन अगर लोग गंगा स्नान करते हैं तो गंगा स्नान करते समय उनके सारे पाप मा गंगा हर लेती है इसीलिए अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान बहुत से लोग करने जाते हैं । साथ ही साथ गंगा स्नान के बाद ईश्वर की आराधना करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । अक्षय तृतीया का त्यौहार महालक्ष्मी से संबंधित है इसीलिए अक्षय तृतीया के दिन आपको लक्ष्मी खर्च करनी होती है।

लक्ष्मी खर्च करने के लिए आप बाजार से कोई भी सामान खरीद सकते हैं। पुराणों की ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन आप जो भी दान देते हैं या फिर जो भी धन खर्च करते हैं उसका 10 गुना ज्यादा आपको वापस लौट कर मिलता है । इसी वजह से लोग अक्षय तृतीया के दिन दान धर्म करने से पीछे नहीं हटते हैं।

भारत में जितने प्रदेश हैं हर प्रदेश में अक्षय तृतीया मनाने का तरीका अलग है अगर हम देश के कुछ विशेष क्षेत्रों की बात करें तो वहां पर अक्षय तृतीया के दिन छोटे बच्चों के द्वारा गुड्डे और गुड़ियों की शादी का आयोजन किया जाता है। इस दिन बच्चे अपने गुड्डे और गुड़ियों का विवाह रचाते हैं ।

एक पक्ष ससुराल पक्ष होता है तेरा दूसरा पक्ष मायका पक्ष और दोनों लोग मिलकर बिल्कुल असली रीति-रिवाजों के साथ गुड्डे गुड़ियों की शादी करते हैं तथा बाद में उनकी विदाई भी होती है । इस पर्व को मनाने का उद्देश्य है कि इससे लोग बच्चों को अपने भारत के संस्कृत के साथ जोड़ना चाहते हैं तथा उन्हें भारत की रीति रिवाज के बारे में समझाना चाहते हैं।

अक्षय तृतीया पर क्या करना चाहिए?

दोस्तों अगर आप अभी तक अक्षय तृतीया का पर्व नहीं मनाते हैं किंतु अब आप अक्षय तृतीया का पर्व मनाना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि अक्षय तृतीया के दिन आपको क्या करना चाहिए।

अक्षय तृतीया के दिन आपको सबसे पहले दान दक्षिणा देनी होगी इसके लिए आप किसी भी गरीब को या फिर किसी ब्राह्मण को दान दे सकते हैं।

अब आगे बात करते हैं , अक्षय तृतीया को पूजा कैसे की जाए तो दोस्तों अक्षय तृतीया में पूजा करने के लिए आपको सबसे पहले गंगा जी में स्नान करना होगा। सुबह जल्दी उठकर आप गंगा जी जाएं तथा वहां पर स्नान करें। इसके बाद आपको अक्षय तृतीया पर्व के आराध्य प्रभु श्री विष्णु जी कथा माता लक्ष्मी की पूजा करनी होगी।

उनकी पूजा करने के लिए आप उन्हें अक्षत यानी की चावल तथा उन्हें शुद्ध दूध अर्पित करें अगर संभव हो तो सफेद फूल और सफेद गुलाब चंदन का इस्तेमाल भी आप कर सकते हैं। इसी के साथ-साथ उन्हें भोग लगाने के लिए आप गेहूं व चने की दाल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जब आप की पूजा संपन्न हो जाए तो उसके बाद आपको भोज का आयोजन करना है। इस भोज में आप अपने सामर्थ्य अनुसार एक दो या फिर पांच ब्राह्मणों को भोज पर बुला सकते हैं और उन्हें प्रसाद ग्रहण करवा सकते हैं इससे आपको धन-धान्य की प्राप्ति होगी।

निष्कर्ष

तो दोस्तों आज की यह जानकारी यहीं पर समाप्त होती है । आज इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि अक्षय तृतीया का पर्व क्या है तथा अक्षय तृतीया का पर्व क्यों मनाया जाता है? इसी के साथ में हमने आपको अक्षय तृतीया के पर्व से जुड़ी कुछ पौराणिक महत्व भी बताया। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। दोस्तों अगर आप इसी प्रकार की अन्य जानकारियां पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए । अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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