हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है तथा इसका क्या महत्व है?

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है तथा इसका क्या महत्व है? – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? हमें उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं हनुमान जयंती के बारे में । आज हम आपको बताएंगे कि हनुमान जयंती क्या है तथा हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है? साथ ही साथ हम आपको यह भी बताएंगे कि हनुमान जयंती का क्या महत्व है।

तो दोस्तों अगर आप भी इन सभी जानकारियों के बारे में जानना चाहते हैं और हनुमान जयंती के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो हमारा यह आर्टिकल पुरा आखिरी तक पढ़िए ।

दोस्तों अगर आप नहीं जानते तो मैं आपको बता दूं कि हनुमान जयंती एक पवित्र हिंदू त्यौहार है , इस त्यौहार में श्री हनुमान के जन्मदिन को काफी हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है । हनुमान जयंती हिंदू धर्म के मानने वालों के द्वारा मनाया जाने वाला बहुत ही प्रसिद्ध त्योहार है ।

दोस्तों यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि हनुमान जयंती को भारत देश के अलावा अन्य देशों में भी मनाया जाता है क्योंकि भारत में हिंदू धर्म के अनुयायियों की संख्या सभी धर्म के अनुयायियों के मुकाबले काफी ज्यादा है इसलिए भारत देश में हनुमान जयंती की धूम धाम ज्यादा देखी जाती है मगर और सभी देश इस त्यौहार को मनाने में भी पीछे नहीं रहते हैं। इस दिन श्री हनुमान जी को मानने वाले लोगों के द्वारा व्रत रखा जाता है तथा इस दिन हनुमानजी की उपासना की जाती और हनुमान जी का विशेष पूजन किया जाता है।

हनुमान जयंती कब मनाई जाती है?

दोस्तों आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह ऐसा त्यौहार है जो वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहली हनुमान जयंती हिंदी कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है मगर वहीं पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हनुमान जयंती हर वर्ष मार्च या अप्रैल के माह में मनाई जाती है ।

वहीं पर दूसरी हनुमान जयंती कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी मंगलवार के दिन मनाई जाती है क्योंकि महा ऋषि वाल्मीकि के द्वारा रचित रामायण के अनुसार महाबली हनुमान का जन्म कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मंगलवार के दिन स्वाति नक्षत्र और मेष लग्न में हुआ था ।

अब साल में दो बार हनुमान जयंती हो तो हम मनाने से पीछे कैसे हट सकते हैं। दोस्तों एक तिथि को भगवान श्री महाबली हनुमान के जन्म दिवस के तौर पर मनाया जाता है वहीं पर दूसरी हनुमान जयंती विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाई जाती है।

वहीं पर उत्तर भारत में चैत्र शुक्ल माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती की मान्यता बहुत अधिक है।

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?

दोस्तों अगर आप नहीं जानते हैं कि हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है तो हम आपको बता दें कि हमारे हिंदू धर्म में पुराणों के अनुसार हनुमान भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार माने जाते हैं । हनुमान जयंती वर्ष में दो बार मनाई जाती है। दोनों जयंतीयों के अपनी अलग अलग ही मान्यताएं हैं । दोनों हनुमान जयंती के पीछे अपनी अपनी कथाएं प्रचलित हैं।

हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। भगवान श्री हनुमान जी का जन्म माता अंजनी की कोख से हुआ था महाबली हनुमान को बहुत से नामों से जाना जाता है जिनमें से कुछ मुख्य नाम इस प्रकार हैं अंजनीपुत्र, महाबली, बजरंगबली, पवनसुत, संकटहरण आदि के नाम से जाना जाता है ।

और वहीं दूसरी तरफ श्री महाबली हनुमान जी की जयंती दीपावली के दिन मनाई जाती है ऐसी मान्यता है कि माता सीता ने उनके त्याग एवं समर्पण की भावना का देखते हुए उन्हें अमरत्व का वरदान दिया था। जिस दिन माता सीता ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया था उस दिन दीपावली थी इसलिए दीपावली के शुभ दिन को भी महाबली हनुमान जी की जयंती के रूप में मनाई जाती है।

हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है?

दोस्तों हम जानते हैं कि हमारे हिंदू धर्म में कई तरीके हैं त्योहारों को मनाने के लिए जिसमें से कुछ तरीके इस प्रकार , हैं जैसे बहुत से लोग इस दिन सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ लोग इस दिन 5 या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और वहीं कुछ लोग घरों और मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं । इस दिन भगवान महाबली हनुमान के कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
भगवान हनुमान को खुश करने के लिए इस दिन सुंदरकांड का भी पाठ किया जाता है।।

दोस्तों यह हम जानते ही हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की मूर्ति को जनेऊ धारण करा कर उनकी वंदना की जाती है । कथाओं के अनुसार महाबली हनुमान ने श्रीराम की लंबी उम्र के लिए अपनी पूरे शरीर को सिंदूर से चढ़ा लिया था जिसे हम चोला कहते हैं । माना जाता है कि यह सिंदूर चढ़ाना अर्थात चोला भगवान हनुमान को बहुत प्रिय था इसलिए इस दिन भगवान हनुमान की मूर्ति में चोला चढ़ाया जाता है और कुछ लोग तो खुद को चोला चढ़ा लेते हैं। इस दिन तुलसीदास द्वारा लिखी गई रामचरितमानस का पाठ भी किया जाता है।

जैसा की आप सभी को पता है हमारे देश में अनेक हिंदूवादी संगठन है जिनमें से बजरंग दल एक बहुत ही प्रमुख संगठन है इस संगठन के द्वारा हनुमान जयंती को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। बजरंग दल के करोड़ों कार्यकर्ता हर एक स्थान पर हनुमान जयंती आयोजित करते हैं। इस दिन लोग भव्य शोभायात्रा का आयोजन करते हैं और रात्रि के समय भव्य आतिशबाजी तथा डीजे साउंड में नाच गाना करते हैं और भगवान श्री राम तथा हनुमान के जयकारे लगाते हैं

इस दिन हनुमान जी के मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा और आरती करके प्रसाद वितरित किया जाता है और बहुत सी जगहों पर इस दिन मेले का आयोजन किया जाता है और कई जगहों पर भंडारे का भी आयोजन किया जाता है , वहीं पर कुछ लोग इस दिन डीजे साउंड बजा कर नाच गाना करते हैं।

हनुमान जयंती में महिलाओं के लिए नियम

दोस्तों हमें यह मालूम ही है कि भगवान महाबली हनुमान बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए महिलाओं को उनकी पूजा अर्चना करते हुए कुछ नियमों का पालन करना चाहिए । हनुमान जी हमेशा स्त्रियों के स्पर्श से दूर रहते थे इसलिए मान्यताओं के अनुसार हनुमान जयंती के दिन पूजा करते वक्त महिलाएं कुछ बातें अपने ध्यान में जरूर रखें

  • महिलाओं को हनुमान जी को चोला नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • महिलाओं को हनुमानजी को सिंदूर का लेप भी नहीं लगाना चाहिए।
  • महिलाओं को हनुमान जी को जनेऊ भी नहीं पहना ना चाहिए।
  • बजरंग बाण का पाठ ना करें।
  • महिलाओं को याद रखना चाहिए कि वह पूजा करते वक्त हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श ना करें।

हनुमान जयंती का महत्व

हिंदू धर्म में महाबली हनुमान जयंती का बहुत महत्व माना गया है। महाबली हनुमान का नाम हिंदू धर्म के प्रमुख भगवानों में गिना जाता है और हनुमान जी प्रभु श्री राम के परम भक्त भी थे और कथा एवं पुराणों के अनुसार प्रभु हनुमान शिव जी के 11 रुद्र अवतार थे। पुराणों के अनुसार हिंदू धर्म में भगवान महाबली हनुमान को परम बलशाली माना जाता है और कहते हैं कि हनुमान जी को सिर्फ याद करने से ही सारे कष्ट हर जाते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के यह जानकारी यहीं पर समाप्त होती है। अब हम आपसे विदा चाहेंगे । आज हमने आपको हनुमान जयंती के बारे में बताया । आज के इस आर्टिकल हमने आपको बताया कि हनुमान जयंती क्या है तथा हनुमान जयंती कब मनाई जाती है? हनुमान जयंती के पीछे उद्देश्य को भी हमने आपको बताया।

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। दोस्तों अगर आप इसी प्रकार की अन्य जानकारियों के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए। अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद शुभ दिन ।

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