लोहड़ी पर्व क्या है? लोहड़ी पर्व क्यों मनाया जाता है? लोहड़ी त्यौहार के पीछे का महत्व

लोहड़ी पर्व क्या है? लोहड़ी पर्व क्यों मनाया जाता है? लोहड़ी त्यौहार के पीछे का महत्व – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । दोस्तों मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस आर्टिकल पर । आज के कार्यक्रम में हम आपको बताने जा रहे हैं लोहड़ी पर्व के बारे में । आज हम आपको बताएंगे लोहड़ी पर्व क्या है तथा लोहड़ी पर्व क्यों मनाया जाता है? साथ में हम आपको बताएंगे लोहड़ी पर्व के पीछे क्या महत्व है? तो दोस्तों अगर आप भी इन सभी जानकारियों के बारे में जानना चाहते हैं तो आज का हमारा आर्टिकल पूरा आखिरी तक पूरा पढ़िए ।

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे देश में अनेक प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं और आपको हर महीने ही कोई ना कोई नया त्यौहार देखने को मिल जाएगा। हमारा देश में जितने भी त्यौहार है उन सभी के पीछे एक अलग ही इतिहास है। वैसे तो हमारे देश में अनेक प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं पर इनमें से कुछ त्यौहार मुख्य रूप से मनाया जाते हैं जिनमें से लोहड़ी का पर्व भी बहुत महत्वपूर्ण है।

दोस्तों हमें उम्मीद है कि आप सभी ने टेलीविजन पर या फिर सोशल मीडिया में लोहड़ी के पर्व के बारे में सुना होगा, लेकिन कभी भी लोहड़ी त्योहार के बारे में खुलकर नहीं बताया जाता है। इसीलिए आज हमने सोचा कि आप को लोहड़ी त्यौहार के बारे में जानकारी दें ,जिससे आप भी यह जान पाए कि आखिर लोहड़ी का त्यौहार है क्या? और यह त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

लोहड़ी पर्व क्या है?

दोस्तों लोहड़ी के त्यौहार को मुख्य रूप से पंजाब में मनाया जाता है। यह पंजाबियों का प्रमुख त्योहार है लेकिन आजकल यह हर धर्म और संप्रदाय के लोग आपस में मिलजुल कर मनाते हैं।

दोस्तों ऐसा कहा जाता है कि लोहड़ी की रात साल की सबसे बड़ी शीत ऋतु की रात होती है इसीलिए लोग इस रात को यादगार बनाने के लिए लोहड़ी पर्व के रूप में इसे सेलिब्रेट करते हैं। इस त्यौहार में लोग आपस में मिलजुल कर एक साथ इंजॉय करते हैं तथा लोहदी की पूजा करते हैं । यह त्यौहार माता सती को समर्पित है।

लोहड़ी का पर्व मकर संक्रांति के एक दिन पहले 12 तारीख या 13 तारीख को मनाया जाता है। बहुत से लोगों का मानना है कि आज के दिन ही प्रभु श्री कृष्ण ने एक बहुत ही दुष्ट राक्षस लोहारी का वध किया था जिस वजह से लोग लोहड़ी का त्यौहार मनाते हैं।

इस त्यौहार को मनाने के पीछे एक और उद्देश्य भी है। लोहड़ी के दिन ही लोगों की फसल खेतों से कट कर आती है और नई फसल की तैयारियां प्रारंभ होती है इसीलिए लोग अपनी फसल की खुशी में भी लोहड़ी का त्यौहार मनाते हैं।

लोहड़ी के त्यौहार में क्या होता है?

दोस्तों अगर आपने किसी को लोहड़ी का त्यौहार मनाते हुए नहीं देखा है और आप यह जानना चाहते हैं कि आखिर लोहड़ी के पर्व में क्या होता है तो मैं आपको बता दूं कि लोहड़ी के दिन लोग एक ही स्थान पर लकड़ियां जमा करते हैं। उस दिन जितने भी गांव में लकड़ियां तथा उपले होते हैं ।

उन सभी को एक ही स्थान पर जमा किया जाता है। इसके बाद में इनका एक बहुत बड़ा ढेर लगाया जाता है। इस ढेर को रंग बिरंगे कागज से सजाया जाता है और रात्रि को इसमें आग लगाई जाती है । इस आग के चारों तरफ सभी लोग बैठते हैं तथा एक दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और कुछ लोग तो यहां पर भांगड़ा नृत्य भी करते हैं ।

लोहड़ी त्योहार के पीछे का इतिहास

दोस्तों जैसा कि आप सभी को पता है हमारे हिंदू धर्म में जितने भी त्योहार होते हैं उन सभी के पीछे कोई ना कोई इतिहास जरूर होता है। लोहड़ी पर्व के पीछे भी एक इतिहास है। पुराणों में ऐसा लिखा है कि दक्ष प्रजापति नाम के एक बहुत एक प्रतापी महाराजा थे जिनकी पुत्री का विवाह भगवान भोलेनाथ शंकर के साथ हुआ था किंतु कुछ निजी कारणों की वजह से दक्ष प्रजापति और भगवान शंकर की एक दूसरे में बातचीत नहीं होती थी और दक्ष प्रजापति भगवान शंकर से नफरत करते थे । एक बार दक्ष प्रजापति ने अपने यहां एक हवन का आयोजन किया । उस हवन में उन्होंने अपनी पुत्री को बुलाया किंतु भगवान शंकर को नहीं बुलाया ।

यह बात पुत्री को पता नहीं थी और जब उनकी पुत्री हवन में पहुंची और वहां पर उसने देखा कि अन्य सारे मेहमान आए हुए थे किंतु भगवान भोलेनाथ शंकर नहीं थे, तो पुत्री को बहुत गुस्सा आया और उन्हें अपना अपमान महसूस हुआ इसीलिए उन्होंने जलती हवन कुंड में अपना बलिदान दे दिया और वह आग में कूद गई । उस दिन के बाद से माता सती की याद में भी इस त्यौहार को मुख्य रूप से मनाया जाता है।

लोहड़ी का त्यौहार कब मनाया जाता है?

दोस्तों अगर आप जानना चाहते हैं कि लोहड़ी का पर्व कब मनाया जाता है तो मैं आपको बता दूं कि लोहड़ी का त्यौहार मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है कभी-कभी यह 2 दिन पहले भी मना लिया जाता है ।

लोहड़ी का पर्व कहां कहां मनाया जाता है?

दोस्तों वैसे तो लोहड़ी के पर्व को पूरे भारत देश में मनाया जाता है किंतु कुछ स्थान ऐसे हैं जहां पर लोहड़ी का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इन स्थानों में दिल्ली हरियाणा चंडीगढ़ पंजाब जम्मू-कश्मीर उत्तराखंड मुख्य हैं जिनमें से सबसे ज्यादा धूमधाम से पंजाब में मनाया जाता है।

निष्कर्ष

दोस्तों यह आपके लिए छोटी सी जानकारी थी। आज की यह जानकारी यहीं पर समाप्त होती है । आज इस आर्टिकल में हमने आपको लोहड़ी पर्व के बारे में बताया। आज हमने आपको बताया की लोहड़ी का पर्व क्या है तथा लोहड़ी का पर्व क्यों मनाया जाता है? हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। दोस्तों अगर आप इसी प्रकार के अन्य जानकारियों के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए। अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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