नागपंचमी क्या है तथा नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है? नाग पंचमी के पीछे का इतिहास

नागपंचमी क्या है तथा नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है? नाग पंचमी के पीछे का इतिहास – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । दोस्तों मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं नाग पंचमी के बारे में।

आज हम आपको बताएंगे नाग पंचमी क्या है? तथा नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है? तो दोस्तों अगर आप नाग पंचमी के बारे में जानना चाहते हैं और नागपंचमी मनाए जाने के पीछे का कारण जानना चाहते हैं तो आज का यह आर्टिकल निश्चित रूप से आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा इसीलिए आर्टिकल को आखरी तक पूरा पढ़िए ।

दोस्तों अगर आप भारत देश का नागरिक है तो हमें पूरा यकीन है कि आपने नागपंचमी शब्द जरूर सुना होगा और हो सकता है आपके घर में नाग पंचमी का पर्व मनाया भी जाता हैं। नाग पंचमी हिंदुओं का एक बहुत ही प्रमुख पर्व होता है जिसे सभी लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मिलजुल कर मनाते हैं। इस पर्व की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्राकृतिक जीव से संबंधित है , जिस वजह से इस की महत्वता और ज्यादा बढ़ जाती है।

दोस्तों हमें अपने ऊपर गौरवान्वित महसूस करना चाहिए क्योंकि हम भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा है। भारतीय संस्कृति में संस्कृति है जो अहिंसा परमो धर्मा पर विश्वास करती है और इसीलिए हमारे देश में ना सिर्फ ईश्वर बल्कि ईश्वर के साथ-साथ जीव जंतुओं को भी पूजा जाता है और उनकी पूजा अर्चना की जाती है। हमारे देश में गांव को मां का दर्जा प्राप्त है। गाय के साथ-साथ अन्य कई ऐसे जीव जंतु भी हैं जिन्हें हम ईश्वर का अंश मानकर पूजते हैं। इन्हीं में से एक जीव है सांप ।

जी हां दोस्तों सांप एक ऐसा जीव है जिससे सभी लोग डरते हैं क्योंकि यह बहुत ही जहरीला होता है। पर हमारे देश में सर्प के लिए भी एक अलग दिन निर्धारित किया गया है जिस दिन सर्वे की पूजा होती है। इस दिन का नाम है नाग पंचमी।

नागपंचमी क्या है ?

दोस्तों अगर आप नहीं जानते तो मैं आपको बता दूं कि नाग पंचमी हिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है और जैसा कि आपको इसका नाम पढ़कर पता चल रहा होगा कि यह पर्व नाग यानी की सांप से संबंधित है। इस दिन भगवान शिव के अलंकार नाग की पूजा अर्चना की जाती है ।

नागपंचमी का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास में होता है। इस दिन नाग के साथ-साथ भगवान शिव की भी विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है क्योंकि भगवान शिव के प्रिय सर्प के नाम पर ही नाग पंचमी का पर्व आयोजित होता है। नाग पंचमी का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। वैसे तो यह त्यौहार देश के हर एक हिस्से में होता है पर मुख्य रूप से यह त्यौहार पूर्वांचल क्षेत्र का है। पूर्वांचल में यह त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

नाग पंचमी मनाने का तरीका

दोस्तों अगर आपको नहीं पता कि नागपंचमी किस प्रकार मनाई जाती है तो हम आपको बता दें कि हर जगह पर नाग पंचमी का पर्व मनाने का तरीका अलग अलग है। कुछ स्थानों पर नाग पंचमी के दिन अलग-अलग प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं तो वहीं पर कुछ स्थानों में सेवई के साथ गेहूं और चनों को उबालकर इन्हें खाया जाता है।

नाग पंचमी के दिन सभी लोग सुबह जल्दी उठते हैं और उठकर स्नान करते हैं। स्नान करने के बाद सभी लोग अपने घर के पास शिव मंदिर जाते हैं। वहां पर बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं और बाबा भोलेनाथ को खीर का प्रसाद चढ़ाते हैं। इसके बाद सर्प को दूध पिलाने के लिए कटोरी में दूध रखते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस दूध को स्वयं बाबा भोलेनाथ का सांप आकर पीता है।

नाग पंचमी के पर्व वाले दिन हर घर की महिलाएं अपने घर के मुख्य दरवाजे पर आटे से या फिर गोबर से सर्प की प्रतिमा बनाती है और उसकी भी पूजा-अर्चना करती हैं। रात में वहां पर कच्ची डीलारी में गाय का दूध रखा जाता है।

जानिये नागपंचमी की मान्यताएं

दोस्तों नाग पंचमी हमारा एक बहुत ही प्रमुख पर्व है। और इस पर्व को लेकर लोगों के अंदर बहुत ही आस्था है। नाग पंचमी को लेकर कई मान्यताएं हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि नाग पंचमी वाले दिन व्रत रहने पर बाबा भोलेनाथ स्वयंवर को आशीर्वाद देने के लिए नाग का रूप रखकर आते हैं और उन्हें धन धन से परिपूर्ण करते हैं।

नाग पंचमी के दिन खेतों में हल चलाना मना होता है क्योंकि लोगों का ऐसा मानना है कि जमीन के अंदर छिपा हुआ शेषनाग इस दिन आराम करता है और खेतों में हल चलाकर हम उसकी नींद में खनन डालते हैं इसीलिए लोग इस दिन हल नहीं चलाते हैं। अलग-अलग स्थानों पर नाग पंचमी को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं।

पुराने समय में था गुडिया पीटने का प्रचलन

दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में कई स्थानों पर नाग पंचमी के दिन गुड़िया पीटने का भी रिवाज है। गुड़िया पीटने का रिवाज पुराने समय से चला आ रहा है।इस दिन हर घर के छोटे बच्चे गुड़िया पीटते हैं। सबसे पहले सुबह उठकर कपड़े की अनेक गुड़िया बनाई जाती है। फिर इस गुड़ियों को घर की बालिकाएं किसी एक निश्चित स्थान पर ले कर जाती है जहां पर सारे गांव के लोग अपनी अपनी गुड़िया इकट्ठा करते हैं।

उसके बाद हर घर के छोटे लड़के किसी बांस के डंडे से या बेर के झाड़ से गुड़ियों पर हमला करते हैं और इस प्रकार मिलजुल कर यह त्यौहार मनाया जाता है। इस त्यौहार में दान देने का भी रिवाज है। लोग गेहूं चना बाजरा इत्यादि को उबालकर इसका दान देते हैं।

दोस्तों यह आज आपके लिए छोटी सी जानकारी थी। आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि नाग पंचमी का पर्व क्या है तथा नाग पंचमी का पर्व क्यों मनाया जाता है। साथ में हमने आपको नाग पंचमी पर्व के पीछे के महत्व को भी बताया। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। दोस्तों अगर आप इसी प्रकार की अन्य जानकारियां पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए। अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद । शुभ दिन

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