रामनवमी क्यों मनाई जाती है? रामनवमी पर्व से जुड़ी मान्यता

रामनवमी क्यों मनाई जाती है? रामनवमी पर्व से जुड़ी मान्यता – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी? उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे । आज हम आपके सामने फिर से उपस्थित हैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी के साथ। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं रामनवमी के बारे में।

दोस्तों अगर आप भी रामनवमी के बारे में जानना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि रामनवमी क्यों मनाई जाती है तो हमारा आज का यह आर्टिकल पूरा आखिरी तक जरूर पढ़िए ।आज के इस आर्टिकल में आपको रामनवमी पर्व से जुड़ी कुछ प्राचीन मान्यताएं तथा रामनवमी पर्व मनाए जाने के पीछे का कारण बताएंगे ।

दोस्तों भगवान श्री राम हमारे देश में एक आदर्श के रूप में पूजे जाते हैं । हर मां यही चाहती है कि उनका पुत्र भी भगवान श्रीराम की तरह हो, और हो भी क्यों ना भगवान श्रीराम की तरह पुत्र भक्त और मातृ भक्त आज तक शायद ही इस दुनिया में कोई हुआ हो।

भगवान राम ना सिर्फ पित्र भक्त और मातृ भक्त थे बल्कि वह मर्यादा पुरुषोत्तम भी थे इसीलिए 33 करोड़ देवी देवताओं में सिर्फ भगवान श्री राम के नाम के आगे ही मर्यादा पुरुषोत्तम शब्द सुशोभित किया जाता है । हमारे देश में मनाए जाने वाले सभी त्योहारों में राम नवमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और मनाया भी क्यों न जाए यह अनन्य प्रभु श्रीराम से जुड़ा हुआ है।

रामनवमी

दोस्तों अगर आप नहीं जानते हैं तो मैं आपको बता दूं कि राम नवमी को भगवान श्री राम के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
राम नवमी के दिन चैत्र नवरात्रि का समापन होता है। रामनवमी के दिन बहुत से हिंदू अयोध्या जाकर सरयू नदी में स्नान एवं पूजन करते हैं तो बहुत सी स्थानों पर रामनवमी के दिन लोग व्रत भी रखते हैं और कहीं कहीं पर हवन भी किए जाते हैं।

लोगों की ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से वह श्रीराम की उपासना करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

रामनवमी के दिन अयोध्या में बहुत विशाल मेले का आयोजन होता है इसमें लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं तथा भगवान श्री राम के जन्म उत्सव में शामिल होते हैं।

रामनवमी का इतिहास

मगर रहे हो आप भगवान श्री राम से जुड़े रामनवमी के इतिहास को नहीं जानते हैं और जानना चाहते हैं तो नीचे बताए गए लेख को ध्यान से पढ़ें

रामनवमी श्री राम का जन्म उत्सव महाकाव्य के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थी परंतु दुख की बात यह थी कि तीनों रानियों में से किसी रानी ने श्री दशरथ को संतान सुख नहीं मिला तो राजा काफी चिंतित रहते थे । 1 दिन राजा को संतान प्राप्ति के लिए महर्षि वशिष्ठ ने काम यज्ञ करने को कहा । महर्षि वशिष्ठ की आज्ञा का पालन करते हुए अयोध्या के राजा दशरथ ने महा ऋषि सारंगी से काम यज्ञ पूरा कराया।

यज्ञ के समापन के पश्चात महा ऋषि ने राजा दशरथ की तीन रानियों को खीर ग्रहण करवाया । इसके ठीक 9 महीने पश्चात बड़ी रानी कौशल्या ने भगवान श्रीराम को कैकई ने भरत को और सुमित्रा ने दो जुड़वा बच्चे लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया ।

भगवान राम विष्णु जी के सातवें अवतार थे। भगवान श्री राम का अवतार पृथ्वी से दुष्टों का संहार और मानवता के नए धर्म की स्थापना करने के लिए हुआ था । भगवान श्रीराम को मानवता का आदर्श माना जाता है।

रामनवमी क्यों मनाया जाता है

हिंदू शास्त्रों के अनुसार मान्यता यह है कि भगवान विष्णु ने सातवें अवतार में भगवान श्री राम के रूप में त्रेता युग में जन्म दिया । वैसे तो भगवान राम का जन्म रावण के अत्याचारों को खत्म करने एवं पृथ्वी से दुष्ट आत्माओं को खत्म करके नए धर्म की स्थापना के लिए हुआ था इसलिए भगवान श्री राम के जन्म उत्सव के रूप में रामनवमी का पावन पर्व मनाया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार यह भी माना जाता है कि भगवान राम ने रामनवमी के दिन लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए मां दुर्गा की उपासना की थी। चैत्र मास की नवरात्रि के समापन के बाद ही रामनवमी का पावन पर्व त्यौहार आता है। भगवान राम को एक आदर्श पुरुष माना जाता है।

रामनवमी कैसे मनाई जाती है?

रामनवमी हिंदुओं का एक बहुत बड़ा त्यौहार होता है। पूरे भारत में हिंदू धर्म के अनुयायियों के द्वारा रामनवमी के त्यौहार को मनाया जाता है ।रामनवमी के दिन बहुत से लोग व्रत रखते हैं ताकि उस दिन उनकी मनवांछित मनोकामनाएं पूर्ण हो और उनको एक मनवांछित फल की प्राप्ति हो । रामनवमी के दिन बहुत से स्थानों पर रामचरितमानस का पाठ कराया जाता है ।

बहुत से लोग रामनवमी के दिन राम कथाएं सुनते हैं और भगवान श्री राम के भजनों में मगन रहते हैं और खास बात यह है कि इस दिन अयोध्या में क्षेत्र राम के मेले का आयोजन होता है जिसने पूरे भारत से असम के लोग अयोध्या में आकर पावन सरयू नदी में स्नान करके पुण्य के भागी बनते हैं ।

राम नवमी का पर्व कब मनाया जाता है?

भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास की नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में हुआ था ।इस दिन को बहुत शुभ माना गया है। राम नवमी हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास की नवमी तिथि को मनाई जाती है और रामनवमी चैत्र मास के समापन के दिन मनाई जाती है।

रामनवमी की कहानी

दोस्तों आपने लंकापति रावण का नाम तो सुना ही होगा रामनवमी की कहानी लंकापति रावण से ही जुड़ी हुई है कथाओं के अनुसार मान्यता है कि रावण अपने राज्य काल में इतना अत्याचार करने लगा था कि रावण के अत्याचार से जनता ही नहीं बल्कि देवता भी बहुत परेशान रहते थे तथा 1 दिन अत्यंत परेशान होकर देवता भगवान श्री विष्णु के पास विनती लेकर गए क्योंकि भगवान श्री विष्णु ने ही रावण को अमरत्व का वरदान दिया था ।

भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ की पहली पत्नी कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम के अवतार में चैत्र मास की नवमी तिथि को अवतरित होकर उस दिन को और भी पावन कर दिया तब से अनंत काल तक चैत्र मास की नवमी तिथि को हर वर्ष भगवान श्री राम के जन्मदिन के रूप में मनाई जाएगी ।

रामनवमी हिंदुओं का बहुत महत्वपूर्ण त्यौहार होता है जिस दिन रामनवमी होती है उस दिन हिंदू नदियों में स्नान करके भगवान श्री राम की उपासना करते हैं और व्रत रहते हैं उनकी आस्था होती है कि भगवान श्री राम उनके मनोवांछित फलों को पूर्ण करेंगे ।

रामनवमी की महिमा

दोस्तों यह त्यौहार श्रीराम से जुड़ा हुआ है इसलिए यह त्यौहार हम हिंदुओं के लिए बहुत खास होता है । रामनवमी की महिमा का बखान कुछ इस तरीके कर सकते हैं कि हिंदू धर्म के बहुत से लोग आज भी एक दूसरे से भेंट के दौरान राम राम कहते हैं और कोई आपदा या विपत्ति भय संकट होने पर हे राम कहकर संबोधित करते हैं।

पुराणों और शास्त्रों के अनुसार राम का नाम भगवान से भी बड़ा है । दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगी कि देवों के देव महादेव महाकाल भी श्री राम नाम का जाप करते थे।

लोगों का मानना है कि भगवान श्री राम का नाम दुखों को हरने वाला कष्टों को मिटाने वाला तथा सुख शांति लाने वाला होता है माना जाता है कि राम नाम का जाप करने वालों के ऊपर कभी भी कोई नकारात्मक परिस्थिति हावी नहीं होती है और वही हिंदू धर्म में मनुष्य के अंतिम क्षणों में राम नाम लेते हुए आत्मा की मुक्ति की कामना करते हैं।

निष्कर्ष

तो दोस्तों यह आज आपके लिए छोटी सी जानकारी थी जिसमें आज हमने आपको रामनवमी के बारे में बताया। आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि रामनवमी क्या है? रामनवमी क्यों मनाई जाती है? तथा राम-राम कैसी मनाई जाती है? साथ ही साथ अपने आप को भगवान श्रीराम से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताइ।

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी । दोस्तों अगर आप इसी तरह की अन्य जानकारियां पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए । अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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